एक शराबी के साथ बस यात्रा जीवन में व्यवस्था के चलते बहुत कम समय निकाल पाते हैं लिखने के लिए ओर इसका शीर्षक चाहे शराबी से जुड़ा हो परंतु ये एक पुलिस वाले की ड्यूटी से जुड़ी है जिसका व्यवहार आम जनता के प्रति सही नहीं होता और इससे सबको सबक लेना चाहिए कि हमे अपनी कम से कम 8 घंटे की ड्यूटी तो ईमानदारी से करनी चाहिए। यदि लगता है कि आप 24 घंटे की ड्यूटी कर रहे हैं तो आपके हाथ में कानून भी है डंडा भी उसको बता दीजिए जो आपसे इतनी ज्यादा ड्यूटी ले रहा है हुए डंडा या वर्दी आम जनता को डराने के लिए नहीं बल्कि उनकी सेवा के लिए है, सेवा सुरक्षा सहयोग आपसे ही सुरक्षा सहयोग की भावना आणि चाहिए न कि डर की। विक्रम सुरेवाला मोड़ छोड़ने आया आते हुए हमने रास्ते में डिस्कस कि की हम फ्यूचर में खेती को कैसे बढ़ा सकते हैं और पशुपालन से कैसे आमदनी ला सकते हैं फिर करनाल रोडवेज की एक बस सिरसा के लिए आ गई और मैं बस में सवार हो गया, परंतु दुर्भाग्य से मेरे लेफ्ट साइड में एक व्यक्ति बैठा था जिसने शराब पी रखी थी।