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प्रमोद भाई के साथ बीते अंतिम क्षण Pramod last moment

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छोटा भाई प्रमोद (महादेव इंटरनेट, उचाना) का देहांत हर्ट फेल होने से 17.01.2025 शनिवार को हो गया। "रातों-रात में बुझ गया जीवन का उजियारा, हम सबके जीवन का था जो सच्चा सहारा।" रामू कवि किसान नचार खेड़ा (रामनिवास DEO) O/o जिला आयुर्वेदिक अधिकारी कार्यालय आयुष विभाग सिरसा under NAM (नेशनल आयुष मिशन) भाई प्रमोद का यूट्यूब चैनल https://www.instagram.com/pspanghal2022?igsh=cWdkYndjNjhzamlq रात 12.15 am तक हम ग्रुप चैट में बिजी थे मैं परवीन गुरमीत मिड्ढा  जीतू नीचे आया बोला moda को दिक्कत है  उचाना लेके गए जवाब दे दिया वापिस लाए 4 am  परवीन पुना भी आ गए थे 

बिना तैयारी के पेपर Giving Exam without Preparation

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पूना ने कहा : कुशी का DSSSB MTS का फॉर्म भर दे मैने बोला : कोई फायदा नहीं है  पूना : (व्हाट्सएप एसएमएस में) क्या पता तुक्का लग जाए  मेरा कवि मन जागा और ये आया मेरे मन में एक हल्की मुस्कान के साथ: तुक्का लगाने के लिए  पहले वाइ टाइप की एक लकड़ी लेनी पड़ती है  फिर उस पर प्लास्टिक बांधना होता है,  जोकि खराब टायर की टीप का बना होता है  या फिर छल्ला या रबड़ का फिर एक या तो रोड़ी लेनी पड़ती है  यानि कि बजरी जो कि मजबूत हो  या फिर छाज की एक शली और उसके आगे तारकोल लगाकर फिर उसमें एक सूल लगाते हैं वह हल्के वजन का तीर बन जाता है फिर उसे तुक्के पर चढ़ा कर चलाते हैं परंतु इनमें से उसके पास तो एक भी चीज का अनुभव नहीं है शायद (मैं उनको कमतर नहीं आंक रहा इसीलिए शायद शब्द प्रयोग हुआ है) तो फिर तुक्का लग कैसे जाएगा  कहने का मतलब है यदि खुले में  शेर का शिकार करना है  तो जंगल में तो जाना ही होगा  और उसे ना तो जंगल का पता है और ना शेर का की कहां मिलेगा तो वही बात हो गई न जैसे कि मेरी रागनी में  "बिना ज्ञान का शिकारी" आपकी बात में बहुत गहराई ह...