नौकरी के लिए मेरी अंतिम दिल्ली यात्रा Meri Delhi Yatra interview

 नौकरी के लिए मेरी अंतिम दिल्ली यात्रा Meri Delhi Yatra interview

दिनांक 28 फरवरी 2023 को मेरा एवीएम कंसलटेंट के लिए इंटरव्यू था इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया के हेड ऑफिस अशोका रोड नई दिल्ली में

दो-तीन दिन पहले मेरे पास फोन आ गया था और मुझे सूचित कर दिया गया था कि मुझे 28 फरवरी को इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया में ईवीएम कंसलटेंट पोस्ट के लिए इंटरव्यू के लिए जाना है और अपने सभी ओरिजिनल दस्तावेज और साथ में एक-एक फोटो प्रति और भरा गया फार्म लेकर जाना है

मैंने एक पूरा दिन और पूरे हीरा या कम से कम 24:00 12:00 बजे तक जाने के लिए तैयारी की सभी दस्तावेज इकट्ठे किए और उन्हें एक लाइन में लगाया मैंने ज्यादा इंटरव्यू नहीं दिए हैं और इंटरव्यू देने के दौरान ज्यादा दस्तावेज पर लगाना उचित नहीं होता परंतु इस पद के लिए जब मैं इंटरव्यू देने जा रहा था तो तनख्वाह ₹38837 थी इसलिए मुझे लगा इसमें ज्यादा सैलरी है तो ज्यादा दस्तावेजों की आवश्यकता होगी और इसमें 3 साल का एक्सपीरियंस भी मांग रखा था किस चीज का और किस फील्ड में किस डिपार्टमेंट में ऐसा कुछ भी नहीं लिखा था मेरा 5 साल के लगभग डाटा एंट्री ऑपरेटर का सरकारी जगह पर काम करने का अनुभव हो चुका था मैंने अपने सभी अनुभव प्रमाण पत्र शैक्षणिक योग्यता के प्रमाण पत्र और बहुत से कंप्यूटर के सर्टिफिकेट इसमें लगा दिए मैंने इलेक्शन ड्यूटी की थी दो बार वर्ष 2019 में प्रधानाचार्य श्री दिलबाग सिंह जी खटकड़ और विकास कुमार कलर के साथ मैंने अपने इलेक्शन ड्यूटी के सभी दस्तावेज साथ में शामिल कर लिए मुझे राजकीय आईटीआई द्वारा ऑफिस में अपने काम करने के अनुभव और मेरी मेहनत और लगन को देखते हुए कई प्रश्न पत्र और आभार ऑफ एक्सीलेंस दिए गए थे मैंने उन सभी की फोटो प्रति साथ में लगा दिया और साथ में ओरिजिनल रख ली इसलिए कुल मिलाकर 43 दस्तावेज मैंने इंटरव्यू के लिए तैयार कर लिए थे और मुझे लगा कि जो मेरा इंटरव्यू लेगा उसे भी सभी दस्तावेज चेक करने के लिए कड़ी मशक्कत मेहनत करनी होगी और वक्त भी देना होगा।

मुझे जॉब मिले चाहे ना मिले परंतु ना इसमें कोई कमी नहीं छोड़ना चाहता था क्योंकि मैंने 17 अक्टूबर 2022 को सरपंच पद के इलेक्शन लड़ने के लिए अपने पहले वाली डाटा एंट्री ऑपरेटर की जॉब से त्यागपत्र दे दिया था जो सभी के लिए हैरानी की बात थी और मेरे शुभचिंतक ऐसा कभी नहीं चाहते थे कि मैं नौकरी छोड़ दूं परंतु मैंने नहीं लेने में अधिक देरी नहीं करता और अच्छे निर्णय के लिए कदम बढ़ाने में भी नहीं आता वक्त नहीं खराब करता क्योंकि यह मेरा पिछला अनुभव था तो अब मैं अक्टूबर 2022 से बेरोजगार था और खासकर 15 जनवरी मकर सक्रांति के दिन से मैं टूर पर निकला था पहले शिर्डी साईं महाराष्ट्र गया सनी सिंगापुर और फिर मैं रायपुर छत्तीसगढ़ गया और भी कई जगह पर मुझे यात्राएं करनी पड़ी फिर रायपुर छत्तीसगढ़ से आते हुए मैं 4 दिन के लिए गुरुग्राम में रुका राममेहर भाई के लड़के अमित की शादी थी विकास कल ऋषि भाई धर्मपाल और ताऊ जी मुझे वहां पर मिले फिर वहां से सीधा में कैथल पहुंचा के पास वहां का भी अलग ही अनुभव रहा और फिर मैं नरवाना पहुंच गया मधु अपने मायके में गई थी तो मैंने दो-तीन दिन वहां पर लगाए उसके बाद में घर पहुंचा और घर पहुंच कर मुझे पता चला कि मुझे इंटरव्यू के लिए फिर से दिल्ली जाना है फिर मैं उसकी तैयारी में लग गया साथ ही साथ फ्री होने से एक फायदा यह भी हो गया कि मैंने अपनी फर्म रजिस्ट्रेशन आदि के लिए सोचा से बातचीत करके इस काम को आगे बढ़ाने की और मैं लगातार इस पर भी काम कर रहा था मैं खाली रहता था मैं कुछ भी नहीं करता था तो इसका मतलब यह नहीं था कि मैं मैं हूं या नकारा बैठा हूं मैं अपना कर्म लगातार कर रहा था और मनुष्य को अपना कर्म हमेशा कुछ ना कुछ करते ही रहना चाहिए और कई बार तो मैं लगातार देर रात तक मेहनत करता था रात 12:00 बजे के बाद सुबह के 4:00 बजे सोता था इसलिए मेरी मेहनत किसी को नहीं दिख रही थी लोग मुझे सलाह दे रहे थे और साथ में यह नसीहत भी कि तुम्हें नौकरी नहीं छोड़नी चाहिए थी पर तुम पूर्ण विश्वास था अपनी काबिलियत पर कि मुझे नौकरी मिल जाएगी कोई ज्यादा बड़ी बात नहीं है मैंने अपनी नौकरी छोड़ी थी और गांव की बेहतरी के लिए आगे भी मैं ऐसे कदम उठाता रहूंगा।

दिल्ली में इंटरव्यू पर जाने के लिए मैंने सभी दस्तावेज तैयार किए और निर्णय किया कि मैं सुबह 8:00 बजे बस में बैठकर उचाना से रेल पकड़ लूंगा अधिकतर रेल की टिकट में ऑनलाइन ही बुक कर लेता हूं और मैंने बस में ही अपने जनरल की टिकट बुक कर ली फिर वहां से ट्रेन में बैठकर में शकूरबस्ती पहुंचा और जैसा कि अक्षय ने बताया था मैंने वहां से मेट्रो पकड़ने को उचित समझी और मैं 12:30 बजे तक अपने निश्चित स्थान पटेल चौक मेट्रो स्टेशन पर पहुंच चुका था वहां से इलेक्शन ऑफिस मात्र 5 मिनट की दूरी पर था फिर मुझे ध्यान आया कि मेरा इंटरव्यू 2:00 बजे है और मुझे दो औरतें आपस में बात करती हो सुनाई दी कि बंगला साहिब गुरुद्वारा यहां से उस साइड में है तो मुझे ध्यान आया कि मैं पहले भी बांग्ला साहिब गुरुद्वारा गया हूं मधु के साथ जब हम दिल्ली दौरे पर थे तो मुझे लगा कि दोपहर के खाने का टाइम हो गया है श्री बंगला साहिब गुरुद्वारा में ही लंच किया जाए और मैं पैदल ही 10 मिनट में वहां पर पहुंच गया वहां पहुंचकर खाना खाया और आते हुए अपनी हैसियत के अनुसार ऑनलाइन डोनेशन भी कर देता हूं।

फिर मैं वापस 2:00 बजे से पहले ही इलेक्शन ऑफिस निर्वाचन भवन में पहुंच चुका था परंतु उन्होंने बोला कि 2:00 बजे आना अंदर जाकर हमने फागुन तक विजिटर पास बनवाया और हम तीसरी मंजिल पर पहुंच गए बहुत देर तक इंतजार करने के बाद वहां के कर्मचारी आए और उन्होंने हमें बताया कि हमारी जॉब किस तरह की होगी 1 साल के लिए सिर्फ कॉन्ट्रैक्ट पर रखा जाएगा और टाइम सुबह 5:00 से शाम के 6:00 बजे तक होगा सप्ताह में 6 दिन काम करना होगा सिर्फ रविवार की छुट्टी होगी। जो भी सरकारी छुट्टी होगी वह मिलेंगे परंतु इलेक्शन के टाइम में रविवार को भी काम करना पड़ सकता है और उसका अलग से कोई पैसा नहीं दिया जाएगा और यदि आप छुट्टी करेंगे तो उसका पैसा सैलरी से काटा जाएगा मुझे लगा कि यह नौकरी मेरे बस की बात नहीं है क्योंकि परिवार के लिए भी छुट्टी चाहिए और समाज के लिए भी हमें समय देना होता है फिर भी मैंने वहां पर इंटरव्यू दिया और मैं 5:00 बजे इलेक्शन ऑफिस निर्वाचन भवन से निकला।

वहां से 5 मिनट में पटेल चौक पहुंचा और फिर मैंने बहादुरगढ़ के लिए मेट्रो पकड़ ली क्योंकि मुझे पता था कि यदि मैं दिल्ली में किसी और जगह पर जाता हूं तो वहां से मुझे ट्रेन मिली थोड़ी मुश्किल है और मेट्रो में यात्रा भी आरामदायक होती है मैंने दो-तीन ऑनलाइन बदलकर श्याम 6:30 पर बहादुरगढ़ मेट्रो स्टेशन पर उतर कर फिर वहां से रेलवे स्टेशन पर पहुंचा और 6:44 पर चलने वाली ट्रेन पकड़ी जो कि नरवाना में लगभग 9:00 बजे पहुंचने वाली थी और मैं उचित समय पर पहुंचने के लिए रेलवे स्टेशन पर पहुंच चुका था मैं रात को नरवाना हीरो का

मैंने रात को निशू का पासपोर्ट अप्लाई किया और फिर सुबह में मैंने पासपोर्ट ऑफिस में बात की तो पता चला कि यदि कोई बच्चा 18 वर्ष से कम उम्र का है तो उसके माता और पिता या कम से कम एक का पासपोर्ट बना होना चाहिए नहीं तो फिर एफिडेविट देना होगा मुझे महसूस हुआ कि क्यों नही माता और पिता दोनों कहीं पासपोर्ट बना दिया जाए हालांकि उनके दस्तावेजों में कुछ नाम स्पेलिंग आदि की कमी थी मैंने भी उसे भी ठीक करने का निर्णय ले लिया था और मैंने उस पर काम उसी वक्त शुरू कर दिया था और उसे 15 मार्च 2023 से पहले निपटाना था क्योंकि हमने 15 मार्च 2023 की राजस्थान की अपॉइंटमेंट ली थी।

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