इस्माईलाबाद मेरी दूसरी यात्रा Ismailabad ki meri dusri Yatra 2nd Visit to ismailabad
Ismailabad ki meri dusri Yatra 2nd Visit to ismailabad
हरियाणा CET टेस्ट ग्रुप डी की परीक्षा देने के लिए मुझे अंबाला जाना था और मेरी परीक्षा सुबह की थी इसीलिए मुझे पहले दिन ही निकलना था।
फिर मुझे लगा कि क्यों न पंचकूला और चंडीगढ़ जाया जाए परंतु मैं गांव में लेट हो गया और फिर मैं बरवाला वाली बस में चढ़कर जिसमें परमजीत कुंभा ड्राइवर था बहबलपुर जाकर वहां से सुरेवाला मोड गया और फिर चंडीगढ़ की बस पकड़ी। सरकार द्वारा ग्रुप डी के लिए किराया पहले ही माफ कर दिया गया था कि पेपर से पहले दिन और एक दिन बाद तक परीक्षार्थियों का कोई किराया नहीं लगेगा।
परंतु देरी के चलते मुझे लगा कि मैं पंचकूला और चंडीगढ़ समय पर नहीं पहुंच पाऊंगा इसलिए मैंने दिनेश एनिमल अटैंडैंट के पास रुकने का प्लान बनाया और उससे बीच-बीच में बात करता रहा कि यदि उचित समय पर पहुंचूंगा तो मैं पंचकूला या चंडीगढ़ जाऊंगा नहीं तो तुम्हारे पास आ जाऊंगा तो फिर उसने बोला कि तुम मेरे पास ही आ जाना और यहीं पर ही रुकना।
दिनेश की सबसे अच्छी और महत्वपूर्ण बात थी कि वह पढ़ता था। पढ़ तो इस दौर में सभी रहे हैं कोई अपनी परीक्षा के लिए कोई नौकरी के लिए परंतु वह ज्ञान बढ़ाने के लिए पढ़ रहा था और उसका पढ़ना जारी था उसकी अलमारी में किताबों की बड़ी ऊंची लाइन लगी थी परंतु जैसा कि उसने पिछली बार बताया था कि यह लाइन और ऊंची होनी चाहिए थी मैं बहुत कम पढ़ पाया।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें